Saturday, 25 March 2017

   ​लेती नहीं दवाई "माँ"....✍

लेती नहीं दवाई "माँ",
जोड़े पाई-पाई "माँ"।
दुःख थे पर्वत, राई "माँ",
हारी नहीं लड़ाई "माँ"।
इस दुनियां में सब मैले हैं,
किस दुनियां से आई "माँ"।
दुनिया के सब रिश्ते ठंडे,
गरमागर्म रजाई "माँ" ।
जब भी कोई रिश्ता उधड़े,
करती है तुरपाई "माँ" ।
बाबू जी तनख़ा लाये बस,
लेकिन बरक़त लाई "माँ"।
बाबूजी थे सख्त मगर ,
माखन और मलाई "माँ"।
बाबूजी के पाँव दबा कर
सब तीरथ हो आई "माँ"।
नाम सभी हैं गुड़ से मीठे,
मां जी, मैया, माई, "माँ" ।
सभी साड़ियाँ छीज गई थीं,
मगर नहीं कह पाई  "माँ" ।
घर में चूल्हे मत बाँटो रे,
देती रही दुहाई "माँ"।
बाबूजी बीमार पड़े जब,
साथ-साथ मुरझाई "माँ" ।
रोती है लेकिन छुप-छुप कर,
बड़े सब्र की जाई "माँ"।
लड़ते-लड़ते, सहते-सहते,
रह गई एक तिहाई "माँ" ।
बेटी रहे ससुराल में खुश,
सब ज़ेवर दे आई "माँ"।
"माँ" से घर, घर लगता है,
घर में घुली, समाई "माँ" ।
बेटे की कुर्सी है ऊँची,
पर उसकी ऊँचाई "माँ" ।
दर्द बड़ा हो या छोटा हो,
याद हमेशा आई "माँ"।
घर के शगुन सभी "माँ" से,
है घर की शहनाई "माँ"।
...#Kumar_Shashi®™.....
#dedicated ♡MaA♡
#_तन्हा_दिल...✍Meri Qalam Mere Jazbaat♡

​जिन्दगी का एक ओर वर्ष कम हो चला..✍

कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला..
कुछ ख्वाईशैं दिल मे रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं ..
कुछ छोड़ कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मे .. 
कुछ मुझसे बहुत खफा हैं.. 
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं.. 
कुछ मुझे मिल के भूल गये..
कुछ मुझे आज भी याद करते हैं..
कुछ शायद अनजान हैं..
कुछ बहुत परेशान हैं..
कुछ को मेरा इंतजार हैं ..
कुछ का मुझे इंतजार है.. 
💕💕 Happy Last Few Days of The Year 2016. 💐
...कुमार शशि®™...
#_तन्हा_दिल...✍Meri Qalam Mere Jazbaat♡

​कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में..

​कुछ नहीं है आज मेरे शब्दों के गुलदस्ते में,
कभी कभी मेरी खामोशियाँ भी पढ लिया करो…!!
.................
लिखना कठिन नहीं है,
गफलत है किस पर लिखूं। खुद पर, या किसी और पर .
यहां हर इंसान एक मुद्दा है और उसके हर बोल समस्या। समस्या की गुत्थी हम और आप हर रोज चाय की चुस्की के साथ सुलझाते हैं।
हर गुत्थी को सुलझने के बाद हमें मिल जाता है
लिखना एक हुनर है, और लिखावट को किसी के दिल में उतार देना एक तपस्या। लोग कहते हैं मैंने अपनी जुबान दी, कई सरकारें भी देती हैं, पर मुंह जुबानी बात का सबूत नहीं होता। ठीक वैसे ही जैसे किसी को दिए गए उधारी का कोई सबूत नहीं होता। भरोसे पर जुबान की कीमत कायम है। लिखी बात दस्तावेज होती है, कानूनी सबूत। भरोसा बनाए रखने के लिए लेख मायने रखती है। 
लेकिन धोखा तो ये भी देते हैं। लेख और बोल बिल्कुल ऐसे हैं जैसे धरती और आसमान, जो कभी नहीं मिलते लेकिन बहुत दूर ये एक-दूसरे से मिलते प्रतीत होते हैं। 
हम इनका पीछा करते हैं लेकिन ये हमसे और दूर होते जाते हैं। हमारे हुक्मरानों के बोल और लेख धरती-आसमान माफिक ही होते हैं, एक दूसरे से कभी न मिलने वाले। 
इसे आप अपनी जिंदगी से जोड़ सकते हैं, बच्चों की जिद्द को टालने के लिए हम कुछ कहकर बहला देते हैं। 
लकिन अब तक नहीं पता चला कि किस पर लिखु दोस्तों आप जरू बातये की मे किस पर लिखू...
...कुमार शशि®™..... 
#_तन्हा_दिल...✍Meri Qalam Mere Jazbaat♡

​अब तो जज्बातों की अहमियत है.✍Owŋ Fɘɘɭɩŋʛs Wʀɩtɘʀ

अब तो जज्बातों की अहमियत है, पैसों का क्या ठिकाना है !
अमीर हर कोई है अब तो उस अमीरी का भी न जाने, कब तक का ठिकाना है !!
रखो ख्याल औरों के जज्बातों का, दिलों की बात समझो तुम......
भरे अहसास हैं दिल में......यदि आते हैं तो आने दो !
       नफरतों का खुद से किनारा कर.....
यदि मोहब्बत और आती है तो मोहब्बत और आने दो !!
अपने दिल को करो ऐसा कि बिल्कुल हो खुदा जैसा !
नहीं होता कोई भी उसमें, बिल्कुल भी बड़ा छोटा !!
यदि सुनकर दर्द किसी का भी तुम्हें दर्द न होता हो तो गरीबी है गरीबी है यही तेरी गरीबी है !
सभी से हो मोहब्बत गर तो ये अमीरी है अमीरी है यही जज्बातों की अमीरी है !!
अमीर बनना है तुमको भी बस खुदा की इतनी सी रहमत हो दर्द देखो किसी का तुम तो न आँखें चुराना तुम !
यदि दर्द हो ज्यादा तो खुदा को दिल से बुलाना तुम !!
...कुमार शशि®™..... 
#_तन्हा_दिल...✍Meri Qalam Mere Jazbaat♡

ऐसे होते हैं पापा....✍Owŋ Fɘɘɭɩŋʛs Wʀɩtɘʀ

​--------- ऐसे होते हैं पापा ----------
सबसे हसीन दुनियाँ मे होते हैं पापा !
सारी दुनियाँ से प्यारे होते हैं पापा !!
जुवाँ पर डाँट पर दिल मे मोहब्बत रखते हैं पापा !
हर वक्त हर पल हर किसी की फिक्र रखते हैं पापा !!
खुद के शौक पूरे कभी किऐ नहीं.....
पर हमारे शौक पूरे कराते हैं पापा !
खुलकर कभी वो शायद हँसते नहीं....
पर हमें खुश देखकर मुस्कुराते हैं पापा !!
क्यूँ कभी थकते नहीं पापा !
शायद कभी आराम करते नहीं पापा !!
बहुत ताकत लगाता हूँ फिर भी.....
उनके जितना आधा काम भी करपाता नहीं !
मेरे पापा बहुत प्यारे हैं बहुत ही प्यारे हैं....
इसलिऐ उन्हें कभी भी सताता नहीं !!
सारी दुनियाँ से भी प्यारे क्यूँ होते हैं पापा !
सबसे हसीन दुनियाँ मे सिर्फ होते हैं पापा !!
..कुमार शशि®™.(Owŋ Fɘɘɭɩŋʛs Wʀɩtɘʀ)
#dedicated ♡My Father♡
#_तन्हा_दिल...✍Meri Qalam Mere Jazbaat♡

​मेरे हिसाब से , कुछ  ऐसा भी  होना चाहिए ..✍

मेरे हिसाब से , कुछ  ऐसा भी  होना चाहिए ,
सहन से हो दर्द  बाहर , थोड़ा  रोना चाहिए ! 
क्यों जागकर रातों में  गिनवाते कमजोरीयाँ ,
थक से  गए है हम अब , हमे  सोना चाहिए !
दौड़  लगवाया है अब खुदा ने, हमारे  बीच ,
पुरस्कार जीत का हमे, अब छोड़ना चाहिए !
त्यागा था खुदा, ख़ुशी के लिए फर्ज अपना ,
मेरा फर्जो से भरा मुझे  वो  जमाना चाहिए !
खुश नही था  मजमून तेरे आलिशां कस्र में ,
भटका हूँ बहुत  मेरा झोपडी पुराना चाहिए !
है  जुस्तजू   ए  कलीसा  ना  मिला  हमको ,
पुनः मुझमे दुःख -ए- उफ़ुक़  आना चाहिए !
ना टला  दर्द ए जीस्त तो हुआ मन मेरा भी ,
'कुमार'  को फिर नया एक जमाना चाहिए !
..... कुमार शशि®™.....
#_तन्हा_दिल...✍Meri Qalam Mere Jazbaat♡

Friday, 9 December 2016

मेरी असली मोह्बत..✍


हम ने तो किया था सब से मोह्बत 
ना जाने मेरी असली मोह्बत कोन थी
सब से जा जा कर पूछ लिया ग़ालिब
ओ भी नहीं बता पाये की मेरी असली मोह्बत कोन थी
आज पता ही चल गया "कुमार" की मेरी असली मोह्बत मेरी माँ थी माँ थी 
अगर तुम भी ना जान पाओ की तुम्हारी असली मोह्बत कोन थी
चुप चाप से आ ना हम बताये गे की तुम्हरी असली मोह्बत कोन थी 
...कुमार शशि®™..... 
#_तन्हा_दिल...✍Meri Qalam Mere Jazbaat♡